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Wednesday, 21 February 2024

भाग्य , किस्मत , तक़दीर


 

किसी का भाग्य,किसी की किस्मत

किसी की तकदीर सवर जाती है

सबकी जिन्दगी उभर जाती है

हे कृष्ण जब तेरी कृपा होती है II १ II

 

अहो भाग्य मेरे के मैने दिलसे जाना तुझे

क़िस्मत बुलंद थी मेरी जो दिलसे पुकारा तुझे

हे कृष्ण मेरी तकदीर सवर गयी

जब कृपाकर हे सखा तुने स्विकारा मुझे II २ II

 

तुम न हो साथ मेरे तो क्या भाग्य होगा

फुटी क़िस्मत उसकी जो तुमसे अन्जान रहेगा

उसकी तकदीर का क्या कहने भगवन

हे कृष्ण सखा मेरे जिस दिल में तु बसेगा II ३ II

 

बुधवार,२१/२/२०२४ , ९:३७ PM

अजय सरदेसाई (मेघ)

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